Jul 27, 2020

15 अगस्त क्यों मनाया जाता है? 1947 15 अगस्त पर भाषण हिन्दी मे 2020

15 अगस्त क्यों मनाया जाता है? 1947 15 अगस्त पर भाषण हिन्दी मे 2020


15 अगस्त क्यों मनाया जाता है? 1947 15 अगस्त पर भाषण हिन्दी मे


भारत में 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है? इस सवाल का जवाब शायद आप में से काफी लोगों के पास नहीं होगा. भारत दुनिया की सबसे विशाल देशों में से एक है और यहां पर कई सारे त्यौहार मनाए जाते हैं. सद्गुरु के अनुसार एक समय ऐसा भी था जब भारत में 365 त्योहार मनाए जाते थे लेकिन अब धीरे-धीरे त्योहारों की प्राथमिकता खत्म होती जा रही हैं. लेकिन फिर भी कुछ त्योहार ऐसे हैं जिन्हें हम बेहद ही उत्साह से मनाते हैं. इनमें से ही एक त्यौहार स्वतंत्रता दिवस भी है. स्वतंत्रता दिवस भारत में मनाए जाने वाले सबसे लोकप्रिय त्यौहार में से एक हैं. आज हम जानेंगे कि स्वतंत्र दिवस क्या है और स्वतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?

वैसे तो भारत में अधिकतर त्योहार भारतीय महीने और भारतीय तिथियों के अनुसार मनाए जाते हैं. लेकिन स्वतंत्र दिवस उन गिने-चुने त्योहारों में से एक है जो अंग्रेजी दिनांक के अनुसार मनाया जाता है. इसका प्रमुख कारण यह है कि यह त्योहार अधिक कुछ सालों पहले से ही आरंभ हुआ है और यह त्योहार भारतीय संस्कृति से नहीं बल्कि भारत देश से जुड़ा हुआ है. स्वतंत्रता मतलब होता है आजादी और दिवस मतलब होता है दिन, यानी कि स्वतंत्र दिवस का मतलब है आजादी का दिन. इसलिए मैंने सोचा कु क्यूँ न हम स्वतंत्र दिवस क्यों मानते है के विषय में पूरी जानकारी प्राप्त करें. तो फिर चलिए शुरू करते हैं.




15 अगस्त क्या है?


स्वतंत्रता दिवस को अंग्रेजी में Independence Day कहा जाता हैं. अगर आप सोच रहे हैं कि स्वतंत्रता दिवस केवल भारत में ही मनाया जाता है तो शायद आपकी सोच गलत है. हर देश कभी ना कभी किसी कम्युनिटी का गुलाम रहा ही है और ऐसे में जिस दिन उन्हें आजादी मिली वह उसे स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं. भारत में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है. इस दिन पूरे देश में देशभक्ति का माहौल रहता है क्योंकि यही वह दिन है जिस दिन हमें ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी.

यह भारत के सबसे बड़े देश भक्ति दिवसों में से एक है. ब्रिटिश शासन काफी चतुर को अत्याचारी था और उन्होंने हम पर करीब 200 सालों तक अत्याचार किए. लेकिन आखिरकार कई कुर्बानियों के बदौलत हमें ब्रिटिश शासन से आजादी मिल ही गयी. आजादी का श्रेय उस हर व्यक्ति को जाता है जो देश के लिए अपनी जान पर खेलकर लड़ा और हमे आजाद कराया.

स्वतंत्रता दिवस कब मनाया जाता हैं?


वैसे तो भारत में मनाए जाने वाले अधिकतर त्योहार भारतीय तिथियों के अनुसार मनाए जाते हैं और भारतीय संस्कृति को बनाए रखने के लिए यह काफी अच्छी बात भी हैं. लेकिन स्वतंत्रता दिवस हाथ में मनाई जाने वाला डिलीट त्योहारों में से एक है. भारत को जब अंग्रेजी से आजादी मिली तब तक अंग्रेजी कैलेंडर काफी प्रचलन में आ चुका था और अब के समय के अधिकतर त्यौहार भी अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से ही मनाए जाते हैं. 15 अगस्त के दिन भारत को आजादी मिलने की वजह से स्वतंत्र दिवस को हम 15 अगस्त को मनाते हैं.

भारत कब स्वंतंत्र हुआ था ?


भारत 15 अगस्‍त 1947 पूर्ण रूप से ब्रिटिश लोगों के चंगुल से आजाद हुआ था.

हम 15 अगस्त क्यों मानते हैं?


कुछ देशों को छोड़कर दुनिया में ऐसा कोई भी देश नहीं है जो कभी किसी कम्युनिटी का गुलाम नहीं रहा हो. हर देश में गुलामी की मार सहा है और कुछ देश तो आज भी अप्रत्यक्ष तरीके से इस मार को सह रहे हैं. इस बात में कोई शक नहीं कि ब्रिटिश एक कूटनीतिज्ञ देश था और इस वजह से वह कई देशों पर शासन करने में और उन्हें बुरी तरह से लूटने में सफल रहा.

दरअसल ईस्ट इंडिया कंपनी काफी समय से भारत में व्यापार करने की सोच रही थी लेकिन भारत में दुनिया की सबसे ताकतवर सल्तनत में से एक मुगल सल्तनत स्थापित थी.

मुगल सल्तनत की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उस समय मुगल सल्तनत ही इतनी आगे थी जितना की आज अमेरिका हैं. कहा जाता है कि मुगल सल्तनत के हाथ में दुनिया की एक चौथाई से भी अधिक ताकत थी चाहे वह सैनिक बल में ही या आर्थिक स्थिति में. जंग-ए-चाइल्ड में जब केवल 309 सैनिकों की मदद से अंग्रेजो ने बादशाह औरंगजेब से टक्कर देने की सोची तो उन्हें दुम दबा के भागना पड़ा क्योंकि औरंगजेब का केवल एक वफादार 40 हजार सैनिक लेकर उन्हें सबक सिखाने पहुच गया. कहा जाता हैं की औरंगजेब की सेना में करीब 9 से 10 लाख सैनिक थे.

लेकिन धीरे-धीरे मुगल सल्तनत कमजोर होती गई और एक समय ऐसा आया जब केवल कुछ पैसों के लालच चक्कर में अंग्रेजों को भारत में व्यापार करने की अनुमति दे दी. अंग्रेजों ने भारत में व्यापार करना शुरू कर दिया लेकिन यहां के लोगों के सरल व्यवहार को देखकर सोचा कि इन्हें लूटना बेहद ही आसान है और उन्होंने इसके लिए अपनी कूटनीति अपनाना शुरू कर दिया. शुरुआत में अंग्रेजों ने जहांगीर को भड़का कर पुर्तगालियों को रास्ते से हटाना शुरू कर दिया जो की उनसे भी पहले भारत में व्यापारिक दृष्टि से आ चुके थे.

करीब 1615 से 1618 के बीच में अंग्रेज अधिकारी थॉमस रो ने मुगल शासक जहांगीर से व्यापार के लिए विशेष अधिकार प्राप्त कर लिया और जगह-जगह अपने कारखाने लगाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे कंपनी का वर्चस्व बढ़ता गया और उन्होंने अपनी कूटनीति से भारत में अपना शासन स्थापित करना शुरू कर दिया.

ब्रिटिश शासन केवल अपना ही फायदा देखता था और इसके चलते उन्होंने भारतीयों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया. उनके बढ़ते हुए अत्याचारों के कारण साल 1857 में उनके खिलाफ एक क्रांति हुई लेकिन वह असफल हुई. लेकिन आखिरकार करीब 90 सालो बाद क्रांतिकारियों की कुर्बानी के बदौलत हमें अत्याचारी ब्रिटिश शासन से आजादी मिल ही गयी.

अंग्रेजो से हमे पूर्ण रूप से आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी और तब से लेकर अब तक हम इस दिन की स्वतंत्रता दिवस के नाम से जानते हैं. इसी वजह से हम 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस को मनाते हैं.

15 अगस्त का महत्व


भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां पर कई तरह के लोग रहते हैं. भारत के दक्षिण में अलग तरह के लोग रहते हैं और उत्तर में अलग तरह के लोग रहते हैं. विभिन्न प्रदेशों में विभिन्न मान्यताएं और संस्कृति के चलते विभिन्न त्योहार मनाए जाते हैं. कई सारे त्यौहार ऐसे भी हैं जिन्हें पूरे देश में मनाया जाता है लेकिन किसी त्योहार की मान्यता कहीं पर ज्यादा तो कहीं पर कम होती है लेकिन स्वतंत्रता दिवस सभी जगह समान रूप से मनाया जाता हैं.

स्वतंत्रता दिवस के दिन पूरे देश भर के स्कूलों कॉलेजों आदि में बड़े व छोटे स्तर पर कार्यक्रम होते हैं. इस दिन हमारे स्वतंत्रता संग्रामीयो को याद किया जाता हैं. सभी लोग अपने अपने स्तर पर स्वतंत्रता दिवस को अपने तरीके से मनाते हैं. स्वतंत्रता दिवस के दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर भारतीय ध्वज तिरंगे को फहराते हैं और हजारी लाखो लोगो के सामने अपनी देशभक्ति प्रकट करते हैं.

15 अगस्त कैसे मनाया जाता हैं?


हर त्यौहार की तरह स्वतंत्र दिवस भी सभी लोग अपने अपने तरीके से मनाते हैं. जो लोग स्कूल और कॉलेज या फिर किसी अन्य संस्थान के किसी भी प्रोग्राम को अटेंड नहीं कर पाते वह भी सोशल मीडिया के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के दिन देश के क्रांतिकारियों को याद करके और स्वतंत्रता दिवस से जुड़ा कॉन्टेंट देखकर अपना फर्ज निभाते हैं.

अगर स्कूल में कॉलेजों की बात करें तो इन जगहों पर विभिन्न स्तर पर स्वतंत्र दिवस को मनाया जाता है. इस दिन स्कूलों व कॉलेजो में देशभक्ति गीतों पर नृत्य, देश से जुड़े हुए भाषण व देशभक्ति से परिपूर्ण नाटकों का आयोजन किया जाता हैं. यह विद्यार्थियों के हृदय में तो देश के प्रति सम्मान पैदा करता ही है और साथ में वहा पधारे अन्य लोगो में भी अपने देशभक्ति की भावना को जगाता हैं. इन कार्यक्रमो के बाद अधिकतर स्थानों पर लड्डू भी बाते जाते हैं जो अब एक प्रथा सी बन गयी हैं.

Why is Independence Day celebrated on 15 August in India?


भारत में हर साल 15 अगस्त को स्वन्त्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन ब्रिटिश शासन से भारत को आजादी मिली थी.  15 अगस्त के दिन को सम्पूर्ण भारत में राष्ट्रीय और राजपत्रित अवकाश के रूप में घोषित किया गया है. परन्तु क्या आप जानते हैं कि भारत में आखिर 15 अगस्त को ही क्यों स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

भारत में स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास


भारत की उपमहाद्वीप के सीमा चौकी पर 17वीँ शताब्दी के दौरान कुछ यूरोपियन व्यापारियों द्वारा प्रवेश किया गया था और अंतत: ब्रिटीश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत को विशाल सैनिक शक्ति के कारण गुलाम बना लिया. 18वीं शताब्दी तक भारत में अंग्रेजों ने अपना आदिपत्य स्थापित कर लिया था. देखा जाए तो 1857 में ही अंग्रेजों के खिलाफ भारत में स्वतंत्रता क्रांति की शुरुआत हो चुकी थी. इस विद्रोह को सिपाहीयों का विद्रोह, 1857 का विद्रोह इत्यादि कहा जाता है. इस विद्रोह के द्वारा (1858 का अधिनियम भारत सरकार), भारत को नियंत्रण मुक्त करने का एहसास ब्रिटीश राज को भारतीय स्वतंत्रता सेनानीयों ने दिलाया था.

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस अधिवेशन 1929 लाहौर में हुआ था जहां पर भारत ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी. 1930 से 1947 के बीच कई आंदोलन हुए जिनमें से एक है सविनय अवज्ञा आंदोलन जिसे गांधी जी ने 1930 में शुरू किया था जिसका अर्थ है बिना हिंसा के किसी भी सरकारी आदेश की अवहेलना करना.

हम आपको बता दें कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1947 में ब्रिटिश सरकार आश्वस्त हो चुकी थी कि वो अब लंबे समय तक भारत को अपनी शक्ति नहीं दिखा सकेगी. भारत के स्वतंत्रता सेनानी लगातार अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर विवश कर रहे थे और स्वतंत्रता की लड़ाई को डट के लड़े. इसलिए भारत को मुक्त करने का फैसला आखिरकार अंग्रेजों ने ले लिया था.

आखिर 15 अगस्त को भारत में स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है?


दरअसल, भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड लुईस माउंटबेटन को ब्रिटिश संसद ने 30 जून 1948 तक भारत में सत्ता-हस्तांतरण का दायित्व सौंपा था. सी राजगोपालचारी के अनुसार अगर माउंटबेटन ने 30 जून 1948 तक इंतजार किया होता तो उनके पास हस्तांतरित करने के लिए कोई सत्ता नहीं बचती. इसलिए माउंटबेटन ने अगस्त 1947 में ही ये दायित्व पूरा कर दिया था.

ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस में माउंटबेटन की भेजी गई सूचनाओं के आधार पर इंडियन इंडिपेंडेंस बिल 4 जुलाई 1947 को पेश किया गया था. इस विधेयक को ब्रिटिश संसद ने तुरंत पारित कर दिया और इसके अनुसार 15 अगस्त 1947 को भारत में ब्रिटिश राज समाप्त होना तय हुआ. हालाकि भारत की आजादी के बाद हिन्दू-मुस्लिम दंगों के कारण भारत ओर पाकिस्तान अलग होकर दो स्वतंत्र-उपनिवेश बने जिन्होंने ब्रिटिश कॉमनवेल्थ के तहत रहना स्वीकार किया. मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान के प्रथम गवर्नर जनरल बने जबकि पंडित जवाहर लाल नेहरु आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री. दिल्ली, देश की राजधानी में इस दिन समारोह रखा गया जहां नेता, स्वतंत्रता सेनानियों इत्यादि ने भाग लिया और आजादी का जश्न मनाया.

क्या आप जानते हैं की जब भारत आजाद हुआ था तब भारत की 500 से ज्यादा रियासतों का भविष्य भी नए देशों पर छोड़ दिया गया था. इन रियासतों को भारत और पाकिस्तान में से किसी एक को चुनना था. कई रियासतें 15 अगस्त 1947 से पहले भारत या पकिस्तान का हिस्सा बन गई और कई आजादी के बाद भी किसी भी देश में शामिल नहीं हुई.

भारत में स्वतंत्रता दिवस का क्या महत्व है और इसका क्या प्रतीक है?


इस दिन भारत में पतंग उड़ाई जाती हैं और ये खेल स्वतंत्रता दिवस का प्रतीक है और दूसरा प्रतीक स्वतंत्रता दिवस का दिल्ली का लाल किला है जहां हर साल इस दिन भारत के प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं. 15 अगस्त को भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी प्राप्त हुई थी जिसकी याद में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. हर साल पूरे उत्साह के साथ ये दिन मनाया जाता है.

ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि भारत के गणराज्य ने 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों के शासन से अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की. तब से, 15 अगस्त को  ब्रिटिश सरकार से आजादी मिलने के उपलक्ष में भारत में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. भारत के लिए, 15 अगस्त अपने पुनर्जन्म का दिन है, एक नई शुरुआत है.

बच्चों के लिए भारतीय स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी दिलचस्प जानकारियां


भारत में हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। जो कि बड़े ही शानदार तरीके से पूरे देश भर में सेलिब्रेट किया जाता है। जब बात देश की आती है तो इस दिन को विभिन्न, धर्म, जाति और लिंग के लोग एकजुट हो कर मनाते हैं और यही इस देश की विशेषता है। लेकिन इस पीढ़ी के बच्चे यह नहीं जानते हैं कि भारत देश ने स्वतंत्रता कैसे प्राप्त की है, स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष से जुड़ी ऐसी बहुत सारे चीजे हैं जिनसे बच्चों काफी कुछ सीख ले सकते हैं।

स्वतंत्रता दिवस कब और क्यों मनाते हैं?


अंग्रेजों ने भारत पर 200 साल राज किया। इस दौरान भारतीय ब्रिटिश शासन से बुरी तरह परेशान हो चुके थे और उन्होंने साल 1929 में 26 जनवरी 1930 को अंग्रेजों से पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करने का फैसला किया। हालांकि, अंग्रेज इस विचारधारा से सहमत नहीं थे और यह 15 अगस्त 1947 तक खींचता चला गया।

18 जुलाई 1947 को अंग्रेजों ने एक कानून पारित किया, जिसमें कहा गया कि 15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतंत्र देश बन जाएगा और अब से भारत ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा नहीं होगा। इस प्रकार, भारत ने अंग्रेजों से आजादी पाई और इसके बाद से हर साल भारत में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बात को हमेशा ध्यान में रखें कि 26 जनवरी की तारीख को आज भी याद किया जाता है, क्योंकि यही वो तारीख है जब भारतीयों ने अंग्रेजों से पूरी तरह से आजादी की मांग की थी, बाद में 26 जनवरी 1950 को भारत एक गणतंत्र राष्ट्र बना और इस भारत का संविधान लागू हुआ।

स्वतंत्रता दिवस उन शहीदों और वीर पुरुषों के बलिदानों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए भारत देश को आजाद कराया, जिनकी वजह से आज हम एक आजाद भारत में साँस ले रहे हैं।

भारत के स्वतंत्रता दिवस का इतिहास क्या है 


1600 के दशक में अंग्रेज भारत में व्यापारियों के रूप में हमारे देश में आएं और उस समय शक्तिशाली भारतीय सम्राट जहांगीर द्वारा उन्हें भारत में व्यापारिक अधिकारों (ट्रेडिंग राईट) की अनुमति दी गई। उस समय भारत पर मुगलों का शासन था, जो उस समय अंग्रेजों के मुकाबले बहुत शक्तिशाली थे। मुगल साम्राज्य के विघटन होने के बाद ही अंग्रेजों ने भारत के छोटे हिस्से को जीतना शुरू कर दिया। 1757 में प्लासी के युद्ध से शुरू होकर, अंग्रेजों ने 1857 तक पूरे भारत में तेजी से अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया।

1857 में, भारतीय बुरी तरह से अंग्रेजों और उनके अत्याचार से तंग आ चुके थे, जिसकी वजह से पूरे उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर विद्रोह शुरू हो गया जहाँ अलग-अलग बैकग्राउंड से संबंध रखने वाले लीडर देश को आजादी दिलाने के लिए सामने आए और अंग्रेजों के खिलाफ एक लंबी लड़ाई लड़ी। यह लड़ाई स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के रूप में प्रसिद्ध हुई और इसके बाद अंग्रेजों ने भारत के अन्य क्षेत्रों कब्जा करना बंद कर दिया।

भारत में 15 अगस्त बच्चों द्वारा कैसे मनाया जाता है?


स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस भारत का नेशनल हॉलिडे है। लेकिन स्कूलों में, एक या दो घंटे के लिए स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जाता है। स्कूलों में, बच्चे देशभक्ति के गीत गाते हैं, भाषण देते हैं और देशभक्ति के गानों पर नृत्य करते हैं। हम सब भारतीय हैं, वंदे मातरम, हम होंगे कामयाब जैसे गीत इस दिन स्कूलों में गाए जाते हैं। भारतीय झंडा ‘तिरंगा’ फहराया जाता है, बच्चे राष्ट्रगान गाते हैं। आखिरी में बच्चों को मिठाई बांटी जाती है। 15 अगस्त को, हर बच्चे के हाथ में भारतीय झंडा दिखता है। इतना ही नहीं आप इस दिन लोगों के घरों में, ऑफिस में भी भारतीय झंडे को लहराते देखेंगे।

स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कुछ इंटरेस्टिंग फैक्ट्स


यहाँ भारत के स्वतंत्रता दिवस के बारे में कुछ इंटरेस्टिंग फैक्ट दिए गए हैं, जिन्हें आप अपने बच्चों को बता सकती हैं।

जब भारत आजाद हुआ, तो उसका कोई राष्ट्रगान नहीं था। ‘जन गण मन’ रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया, जिसे पहली बार 1911 में गाया गया था और 1950 में इसे भारत का राष्ट्रगान घोषित कर दिया था।

जब भारत स्वतंत्र हुआ, तब भारत में कोई प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या सरकार नहीं थी। यह सब बहुत बाद में हुआ जब भारत एक गणतंत्र राष्ट्र बना। स्वतंत्रता के समय, गवर्नर जनरल भारत में सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली व्यक्ति हुआ करते थे।

भारत के कई हिस्से, स्वतंत्रता के दौरान अलग-अलग राज्य हुआ करते थे। जब भारत आजाद हुआ, तब यहाँ 565 रियासत या राज्य थे। यह सब चीजे बदल गई जब सरदार वल्लभ भाई पटेल और अन्य नेताओं ने विभिन्न रणनीतियों को लागू किया। जम्मू और कश्मीर, हैदराबाद, मैसूर और त्रावणकोर कुछ बड़े राज्य थे जो आजादी के बाद भारत का हिस्सा बन गए थे।

भारत एकमात्र देश नहीं है जो 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है, बल्कि कुछ अन्य देश भी हैं जो इसी दिन को अपने स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाते हैं। हालांकि, ये देश अलग-अलग सालों में स्वतंत्र हुए लेकिन तारीख एक ही थी। वो देश जिन्होंने भारत के अलावा एक ही दिन पर स्वतंत्रता प्राप्त की वो हैं: बहरीन, नार्थ कोरिया, कांगो, लिस्टेंस्टाइन और साउथ कोरिया।

स्वतंत्रता के बाद भी गोवा एक पुर्तगाली उपनिवेश में आता था, लेकिन फिर 1961 में यह भी भारत का हिस्सा बन गया।

ऑफिशियली भारत सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस का उत्सव नई दिल्ली के लाल किले में हर साल मनाया जाता है। यहाँ, प्रधानमंत्री पूरे राष्ट्र को संबोधित करते हैं।

भारत की स्वतंत्रता ने धार्मिक आधार पर देश के विभाजन को भी जन्म दिया। सांप्रदायिक (कम्युनल) तनाव और नफरत के कारण हिंदू और मुस्लिम समुदाय के कई लोग मारे गए, जिसमें कई बेकसूरों की जान भी गई। कई लोग कहते हैं कि यह इतिहास में सबसे बड़ा मानव प्रवासन (ह्यूमन माइग्रेशन) था। हालांकि, यह भी याद रखना चाहिए कि इस मुसीबत के समय में लोगों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरे समुदाय को लोगों को बचाया भी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पहले स्वतंत्रता दिवस के जश्न में हिस्सा नहीं लिया था। वह भूख हड़ताल पर चले गए ताकि लोग विभाजन के कारण एक-दूसरे को मारना बंद कर दें।

स्वतंत्र भारत में बॉर्डर्स बनाने का काम सिरिल जॉन रेडक्लिफ नामक एक व्यक्ति को दिया गया था। विडंबना यह थी कि वह कभी भी भारत नहीं आए थे और उन्हें पार्टीशन करने का एक मुश्किल कार्य दिया गया था। उन्हें यह तबाही और विनाश देख कर इतना दुख हुआ कि उन्होंने भारतीय 40,000 रुपयों की सैलरी को लेने से इनकार कर दिया जो उन दिनों एक बड़ी राशि हुआ करती थी।



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